समझौता तो करना ही होगा!
इस पर उसकी माँ का जवाब था कि “तुम्हें तुम्हारी विकलांगता के कारण कोई सामान्य लड़का तो मिलेगा नहीं!, तुम्हें कहीं-न-कहीं कोई तो समझौता करना ही होगा”।
इस पर उसकी माँ का जवाब था कि “तुम्हें तुम्हारी विकलांगता के कारण कोई सामान्य लड़का तो मिलेगा नहीं!, तुम्हें कहीं-न-कहीं कोई तो समझौता करना ही होगा”।
एक अनाम व्यक्ति ने अपनी समस्या बताई है कि ऑफ़िस में सहकर्मी विकलांगता के कारण उनसे अच्छा व्यवहार नहीं करते। सम्यक ललित द्वारा समस्या का समाधान सुझाया गया है।
सामान्य लोगों द्वारा ऐसा व्यवहार तो आम बात है परंतु विकलांग व्यक्तियों द्वारा इस तरह का व्यावहार क्या उचित है?
लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। ग्राम विकास अधिकारी के पद पर रहते हुए 8 माह के कार्यकाल के बाद विभाग द्वारा पुनः जाँच हुई जिसमें एक आँख को 6/24 और दूसरी को 6/18 बता कर मेरी विकलांगता 40% से घटाकर 10% कर दी गई और मुझे अपात्र घोषित करते हुए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
किसी विकलांग बच्चे के माता-पिता के मुँह से अपने बच्चे के भविष्य की चिंता में यह सवाल करते, आपने ज़रूर सुना होगा। अधिकांश विकलांग बच्चों के माता-पिता को पूरी ज़िन्दगी यही डर सताता रहता है कि उनकी मृत्यु के बाद उनके विकलांग बच्चे का क्या होगा…? वे अपनी पूरी ज़िन्दगी इसी सवाल से उपजे डर के साये में बिता देते हैं।
मेरी विकलांगता को लेकर मैंने कभी भी रैना को असहज होते नहीं देखा। उसने हमेशा मेरी विकलांगता और मेरे वास्तविक व्यक्तित्व को जानने-समझने का प्रयास किया। इसके लिए उसने अपने व्यवहार को मेरे लिए सुगम “Accessible” बनाया।
उस वक़्त स्कूटी लाने के विचार से लेकर स्कूटी से अकेले बाहर जाने तक मैंने जिन-जिन समस्याओं का सामना किया उन समस्याओं के कुछ समाधान मेरे मन में बनते और बिगड़ते रहते थे। उन्हीं समाधानो में से एक समाधान के विचार को यहाँ साझा कर रही हूँ।
बिट्टू ख़ामोश होकर सिर झुका लेती है। कहीं-न-कहीं उसकी ख़ामोशी इस बात का समर्थन कर गई कि वह भी किसी को उसकी विकलांगता या अन्य किसी कमी के कारण स्वीकार नहीं करती।
व्हील चेयर यूज़र्स के लिये यह ज़रूरी है कि वे पर्यटन पर निकलने से पहले पूरी योजना बना लें। इस आलेख में संजीव शर्मा कुछ टिप्स दे रहे हैं कि कैसे व्हील चेयर यूज़र्स पर्यटन स्थलों का आनंद ले सकते हैं।
हिन्दू पौराणिक ग्रंथो और कथाओं में अनेक ऐसे पात्र मिलते हैं जिन्हें किसी प्रकार की विकलांगता थी। ऐसे ही कुछ पात्रों के विषय में यह आलेख।
UDID Card के लिये आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझें। यह भी जानें कि इस कार्ड के लाभ क्या हैं।
जानिये कि विकलांगता प्रमाण पत्र क्या है, यह कैसे बनता है, यह क्यों आवश्यक है और इसके क्या लाभ हैं।
जानिये कि निम्न-दृष्टि, अल्प-दृष्टि या दृष्टिबाधिता का विकलांगता के रूप में आकलन कैसे किया जाता है और इसके लिये विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया क्या है
सेवेंट सिंड्रोम (सावंत सिंड्रोम) से प्रभावित व्यक्तियों के पास असाधारण क्षमताएँ, या कहिये सुपर पॉवर, होती हैं। ये क्षमताएँ अक्सर ऑटिज़्म जैसे विकासात्मक विकारों के कारण व्यक्ति को मिलती हैं।