मानसिक विकारों से जुड़ी भ्रांतियाँ, सामाजिक कलंक और भेदभाव
हम अपने देश में आस-पास के माहौल को देखें तो हम पाएँगे कि इन सभी स्रोतों से आने वाली नकारात्मकता मनोरोगियों की स्थिति पर बुरा असर डालती है। मीडिया द्वारा सकारात्मक भूमिका निभाने की बात छोड़िये — ये अक्सर समाज में फैली भ्रांतियों को बढ़ावा देकर नकारात्मक भूमिका ही निभाते हैं।