बढ़ते बच्चों में बौद्धिक विकलांगता के लक्षण
यदि चिकित्सकीय जाँच के बाद यह तय हो जाता है कि बच्चे को बौद्धिक विकलांगता है — तो भी कोशिश करनी चाहिए कि बच्चा जितना हो सके उतना अपने रोज़मर्रा के कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बन सके।
यदि चिकित्सकीय जाँच के बाद यह तय हो जाता है कि बच्चे को बौद्धिक विकलांगता है — तो भी कोशिश करनी चाहिए कि बच्चा जितना हो सके उतना अपने रोज़मर्रा के कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बन सके।
मानसिक विकार या मानसिक बीमारी की परिभाषा, प्रकार और लक्षण के बारे में जानकारी
इस लेख में काव्य वर्षा अपने ख़ुद के और जान-पहचान की कुछ अशिक्षित और कुछ न कमाने वाली विकलांग लड़कियों की व्यथा बता रही है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं होता।
एक आँख वाले व्यक्तियों के लिये विकलांगता प्रमाण पत्र और विकलांगता प्रतिशत से जुड़े प्रश्नों के उत्तर
डॉ. सुनील थुआ बता रहे हैं कि सामाजिक जीवन में व्याप्त रूढ़ियों व परंपराओं के कारण विकलांगों को सामान्य नागरिक के तौर पर सम्मानित दृष्टि से नहीं देखा जाता। हमारी व्यवस्थाओं में समावेशी योजना बनाते हुए यह वर्ग आमतौर पर प्राथमिकताओं से सदा ओझल रहता है। इस वर्ग को हमेशा दीन-हीन और दया व सहानुभूति का पात्र बनाए रखने के लिए मज़बूत किलेबंदी की जाती है
बौद्धिक विकलांगता (intellectual disability) के अर्थ, कारण, इलाज और प्रमाणपत्र के बारे में जानकारी
पोलियो से प्रभावित अपनी सहपाठी, कृष्णा, के बारे में छाया वर्मा जी का एक संस्मरण।
बौनेपन से प्रभावित विश्व के प्रसिद्ध व्यक्तियों की सूची। बौनापन एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति के शरीर की ऊँचाई को औसत से कम पर सीमित कर देती है।
बौनेपन से प्रभावित भारत के प्रसिद्ध व्यक्तियों की सूची। बौनापन एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति के शरीर की ऊँचाई को औसत से कम पर सीमित कर देती है।
निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी
भारत सरकार की एडिप / ADIP योजना की फ़ुल फ़ॉर्म, इसके उद्देश्य और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी
पूजा प्रियम्वदा अदृश्य विकलांगता के साथ अपने प्रतिदिन के संघर्ष के बारे में बता रही हैं कि हमारी लड़ाई सिर्फ हमारी अदृश्य विकलांगताओं से ही नहीं बल्कि ग़लत मान्यताओं, जानकारी के अभाव से भी है।
दृष्टिहीनता की विकलांगता के रूप में परिभाषा और प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया
कुष्ठ रोग के उपचार के बाद यदि किसी व्यक्ति को आँखो, हाथों या पैरों में विकलांगता है तो उस व्यक्ति को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार विकलांगजन की श्रेणी में रखा जाएगा।
बौनेपन को अब एक विकलांगता के रूप में परिभाषित किया जाता है। इस लेख में जानिये बौनेपन की परिभाषा, लक्षण और प्रकार के बारे में। इस स्थिति से प्रभावित व्यक्ति एक सामान्य जीवन जी सकते है।